MGNREGA Replaced: मोदी सरकार का बड़ा फैसला, पास हुआ ‘G RAM G’ बिल! जानें गरीबों को क्या होगा फायदा

लोकसभा में भारी हंगामे के बीच G RAM G Bill पास हो गया है। यह बिल 20 साल पुराने MGNREGA की जगह लेगा और ग्रामीणों को साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी देगा। जानें इसके प्रावधान और विपक्ष के विरोध की वजह।

G RAM G Bill 2025 details, MGNREGA replacement new bill, VB-G RAM G full form, 125 days employment guarantee scheme, Lok Sabha winter session updates

भारतीय संसद के इतिहास में गुरुवार का दिन बेहद अहम रहा। 20 साल पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को बदलने के लिए लाया गया ऐतिहासिक G RAM G Bill (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन – ग्रामीण) लोकसभा में भारी हंगामे के बीच पास कर दिया गया। यह बिल ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने का दावा करता है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जैसे ही इस बिल पर अपनी बात खत्म की, सदन में ‘हाँ’ की गूंज के साथ इसे मंजूरी मिल गई। हालांकि, विपक्ष ने इसका तीखा विरोध किया और सदन के अंदर ही बिल की कॉपियां फाड़ दीं। यह बिल अब पुराने मनरेगा कानून की जगह लेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।

पुराने MGNREGA से कितना अलग है नया G RAM G बिल?

इस नए बिल का सबसे बड़ा आकर्षण रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी है। जहाँ पुराने मनरेगा कानून के तहत साल में 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी जाती थी, वहीं नए VB-G RAM G Bill 2025 के तहत इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।

​इसके अलावा, इस बिल में आजीविका मिशन (Livelihood Mission) को भी जोड़ा गया है। इसका मतलब है कि यह सिर्फ गड्ढे खोदने या मजदूरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें कौशल विकास (Skill Development) और स्वरोजगार के अवसरों को भी शामिल किया जा सकता है। सरकार का तर्क है कि पुराना कानून अब पुराना हो चुका था और बदलते भारत की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक नए और आधुनिक ढांचे की जरूरत थी।

संसद में क्यों हुआ इतना हंगामा और विपक्ष क्यों है नाराज?

गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस बिल को बिना विस्तृत चर्चा के पास करा रही है। विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भाषण के दौरान वेल में आकर बिल की कॉपियां फाड़ कर हवा में उड़ा दीं।

विपक्ष का कहना है कि मनरेगा कांग्रेस सरकार की एक ऐतिहासिक योजना थी जिसने करोड़ों गरीबों को भुखमरी से बचाया। उनका आरोप है कि सरकार नाम बदलकर और थोड़े बहुत बदलाव करके पिछली सरकार के काम को अपना बता रही है। साथ ही, विपक्ष को इस बिल के कुछ प्रावधानों और फंड आवंटन को लेकर भी चिंता है, जिस पर वे विस्तृत बहस चाहते थे। हंगामे के चलते स्पीकर ओम बिरला को कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी।

How to Apply for Job Under New G RAM G Scheme

हालांकि अभी यह बिल लोकसभा से पास हुआ है और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून बनेगा, लेकिन इसके लागू होने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। पुराने मनरेगा जॉब कार्ड धारकों को नए सिस्टम में माइग्रेट किया जाएगा। नए आवेदकों को अपनी ग्राम पंचायत में पंजीकरण कराना होगा।

सरकार जल्द ही इसके लिए एक नया डिजिटल पोर्टल और ऐप भी लॉन्च कर सकती है, जिससे काम मांगना और भुगतान की स्थिति चेक करना आसान हो जाएगा। 125 दिन की गारंटी का लाभ उठाने के लिए आपके पास आधार कार्ड और बैंक खाता होना अनिवार्य होगा, क्योंकि भुगतान सीधे लाभार्थी के खाते (DBT) में किया जाएगा।

प्रियंका गांधी वाड्रा और दिल्ली प्रदूषण पर क्या चर्चा होनी थी?

संसद के शीतकालीन सत्र का शुक्रवार को आखिरी दिन है। बिल पास होने के बाद सदन स्थगित होने से पहले दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर चर्चा होनी थी, जिसकी शुरुआत वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा करने वाली थीं। हालांकि, हंगामे के कारण यह चर्चा भी प्रभावित हुई। अब देखना होगा कि सत्र के आखिरी दिन इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सदन में बात हो पाती है या नहीं।

निष्कर्ष

​G RAM G Bill का पास होना ग्रामीण भारत के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। 100 से बढ़ाकर 125 दिन का रोजगार देना निश्चित रूप से गरीब मजदूरों के लिए राहत की खबर है। हालांकि, विपक्ष का विरोध और बिल फाड़े जाने की घटना यह बताती है कि राजनीतिक रस्साकशी अभी खत्म नहीं हुई है। अब सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि यह नया कानून जमीन पर कितना असरदार साबित होता है।

इसे भी पढ़े – Vivo V70 Leaked on FCC: 12GB रैम और Android 16 के साथ जल्द होगा लॉन्च, जानें इस फोन के खुफिया राज

Leave a Comment